बिना पासपोर्ट वीजा के होंगे कैलाश दर्शन, जानिए कैसे होंगे दर्शन

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 प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के विकास और पर्यटन को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. सोमवार को दो दिवसीय दौरे में नैनी सैनी एयरपोर्ट पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि सरकार चीन सीमा से सटी व्यास घाटी को पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रमुखता से उभारने जा रही है,..

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धारचूला की व्यास घाटी का नाम महर्षि वेद व्यास के नाम पर पड़ा है और यहां उनके वंशज भी रहते हैं. पूरे देश में वेद व्यास जी का सम्मान बढ़ाने और नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने के लिए 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी में महर्षि वेद व्यास की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी. इसके लिए विस्तृत प्लानिंग के साथ काम किया जा रहा है,..

सतपाल महाराज ने बताया कि व्यास घाटी में स्थित ओल्ड लिपुपास एक ऐसा स्थान है, जहां से भारतीय सीमा के भीतर से ही तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं. यहां तक पहुंचने के लिए सड़क और पैदल मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा. इस क्षेत्र को ‘नाथुला बॉर्डर’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा,..

इसके अलावा ज्योलिंगकांग और नाभीढांग (ओम पर्वत) में पर्यटकों के लिए टीआरएच गजीबो बनाए जा रहे हैं, यहां चाय-नाश्ते का आनंद ले सकेंगे. नैनी सैनी एयरपोर्ट को लेकर मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरगामी सोच की सराहना की,..

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