उत्तराखंड में बारिश का कहर: कई सड़कें बंद, भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले कई घंटों से लगातार हो रही बारिश ने मैदानी और पर्वतीय जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अन्य जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से कई मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 से 23 जुलाई तक उत्तराखंड के लिए जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
19 और 20 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है।
21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 22 और 23 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत पर्वतीय जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
भूस्खलन से कई सड़कें बंद
लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मलबा और विशाल बोल्डर गिरने से कई सड़कें बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), पीएमजीएसवाई और बीआरओ की टीमें प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश राहत और बहाली कार्यों में भी बाधा बन रही है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी संबंधित विभागों को किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तरकाशी में विशेष सतर्कता
उत्तरकाशी जिले के लिए 19 और 20 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी विभागों, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS), त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पुलिस थानों और चौकियों को भी वायरलेस संचार और आपदा उपकरणों के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है।
रात में आवाजाही पर रोक
चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक यात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान ट्रेकिंग से बचने की सलाह दी गई है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।
