मर्यादा और पवित्रता के 34 साल: श्री जगदीश सुखीजा के नेतृत्व में स्थानीय कलाकार 7 अक्टूबर से करेंगे रामलीला का सजीव मंचन

शारदीय नवरात्रि और त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल छा गया है। इसी कड़ी में, शहर की एक प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करते हुए ‘श्री शिव नाटक क्लब’ इस वर्ष भी मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी की लीला का भव्य और विशाल मंचन करने जा रहा है। पिछले 34 वर्षों से अनवरत चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को लेकर आयोजकों, कलाकारों और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

क्लब के अध्यक्ष श्री जगदीश सुखीजा ने आगामी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि श्री शिव नाटक क्लब विगत 3 दशकों से भी अधिक समय (34 वर्षों) से प्रभु श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का पुनीत कार्य कर रहा है। यह रामलीला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का केंद्र बन चुकी है।

स्थानीय कलाकारों का सजीव अभिनय और सात्विकता है मुख्य आकर्षण इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी खासियत पर प्रकाश डालते हुए श्री सुखीजा ने बताया कि रामलीला के सभी पात्रों का अभिनय किसी बाहरी या पेशेवर नाट्य मंडली द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि हमारे अपने ही शहर के स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाता है। ये कलाकार महीनों पहले से अपने किरदारों को जीवंत करने के लिए कड़ी मेहनत और रिहर्सल करते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मंचन के दौरान सभी कलाकारों द्वारा पूर्ण पवित्रता, व्रत-नियमों और मर्यादा का कड़ाई से पालन किया जाता है। मंच पर उतरने से पहले और पूरी रामलीला के दौरान सात्विक जीवन शैली अपनाई जाती है। इसी निष्ठा और भक्ति के कारण रामलीला में एक अद्भुत सजीवता और आध्यात्मिक भाव उत्पन्न होता है, जिससे दर्शक सीधे भगवान की लीला से जुड़ाव महसूस करते हैं।

7 अक्टूबर से शुरू होगा रामलीला का मंचन, 20 को होगा पुतला दहन कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए आयोजकों ने बताया कि आगामी 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके लिए एक विशाल और आकर्षक मंच तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक लाइटिंग और बेहतरीन साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शकों को एक अद्भुत अनुभव मिल सके।

लीला के समापन अवसर पर 20 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर, बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हुए रावण, मेघनाद एवं कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया जाएगा। पुतला दहन के दिन भव्य मेले जैसा आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।

आयोजकों ने की धर्मप्रेमियों से अपील अंत में, क्लब के अध्यक्ष श्री जगदीश सुखीजा और पूरी आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी राम भक्तों, माताओं-बहनों, युवाओं और बच्चों से भावपूर्ण अपील की है कि वे 7 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस पावन रामलीला में सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कृति से जोड़ने का यह एक शानदार अवसर है। दर्शकों की भारी उपस्थिति से जहां एक ओर हमारे स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन होगा, वहीं दूसरी ओर सभी को प्रभु श्री राम का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।