बीएसएफ के एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर को एक साइबर अपराधी ने मनी लांड्रिंग के झूठे आरोप में फंसाकर उनकी जमा-पूंजी लूट ली। आरोपी ने 12वीं पास होने के बावजूद खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और डराकर पैसे ऐंठे।
देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानी खपाने वाले बीएसएफ के रिटायर्ड इंस्पेक्टर को 12वीं पास साइबर अपराधी ने मनी लाउंड्री में फंसने का डर दिखाकर खातों में जमा पूंजी को गंवाने पर मजबूर कर दिया। वे खौफ के साये में 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रहे थे। जब तक उनकी समझ में वास्तविकता आई तब तक उनके खाते खाली हो चुके थे। ठेकेदारी में घाटा झेलने वाले अपराधी ने सिर्फ एक नहीं बल्कि कई पढ़े लोगों के साथ ठगी कर मेहनत की कमाई डकारी है।

आरोपी ने अपने बैंक खाते में रुपये मंगाए। इसके बाद जोधपुर राजस्थान के बैंक में रुपये निकालने के लिए पहुंच गया। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, साइबर पुलिस ने उनके बारे में संबंधित बैंकों से जानकारी ली। इसके बाद खातों से रुपये निकलने का रिकॉर्ड खंगाला गया और संबंधित दिनों की फुटेज भी देखी गई। इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने अपराधी की पहचान की। साइबर पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तीन और राज्यों में साइबर ठगी के केस दर्ज हैं। इसकी जानकारी संबंधित राज्यों को दी जाएगी।
