दिनेशपुर के किसान से ₹1.52 करोड़ की साइबर ठगी, अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान खातों से उड़ाई रकम

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उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर निवासी एक किसान के साथ प्रदेश की बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खातों से मोबाइल बैंकिंग और एटीएम के जरिए ₹1,52,56,098 निकाल लिए। मामले में साइबर थाना रुद्रपुर ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल में भर्ती थे, इसी दौरान हुई करोड़ों की निकासी

पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 जुलाई 2026 को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वह 21 जुलाई से 25 जुलाई तक अस्पताल में उपचाराधीन रहे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी कमजोरी और दवाइयों के प्रभाव के कारण वह घर पर आराम कर रहे थे और बैंक खातों की जानकारी नहीं ले सके।

इसी बीच 27 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे बैंक शाखा प्रबंधक का फोन आया। प्रबंधक ने बताया कि उनके दोनों बैंक खातों से 22 जुलाई से 27 जुलाई के बीच ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एटीएम निकासी के माध्यम से कुल ₹1,52,56,098 निकाल लिए गए हैं।

मोबाइल बैंकिंग ऐप किया गया सक्रिय

बैंक प्रबंधक के अनुसार, 22 जुलाई को पीड़ित के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर मोबाइल बैंकिंग ऐप सक्रिय किया गया था। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी भी मोबाइल बैंकिंग ऐप सक्रिय नहीं किया और न ही उनके मोबाइल नंबर पर किसी प्रकार का ओटीपी प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपना मोबाइल देखा तो उसमें नेटवर्क भी नहीं आ रहे थे। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर मोबाइल बैंकिंग का एक्सेस हासिल किया और योजनाबद्ध तरीके से दोनों खातों से करोड़ों रुपये निकाल लिए।

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तीन लोगों पर जताया संदेह

पीड़ित ने अपनी शिकायत में अजय, सोनू और मनजीत कौर नाम के तीन लोगों पर संदेह व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि इन लोगों को उनकी बीमारी और बैंक खातों में बड़ी रकम जमा होने की जानकारी थी। उन्होंने जमीन बेचने के बाद खातों में आई बड़ी धनराशि का फायदा उठाकर इस साइबर ठगी को अंजाम दिया।

1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर थाना रुद्रपुर पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की।

पुलिस ने शुरू की गहन जांच

साइबर थाना रुद्रपुर के साइबर इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल बैंकिंग रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

साइबर पुलिस की अपील

साइबर इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, ओटीपी, एटीएम पिन और मोबाइल बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।