उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक अनोखी और खास शादी चर्चाओं में है. जहां नाल्ड गांव में आयोजित शिव महापुराण कथा में शिव और पार्वती का विवाह होना था. जिसमें एक युवक और युवती ने सचमुच में विधि विधान के साथ विवाह संस्कार पूरे किए. इस दौरान दूल्हा भगवान शिव के परिधान बारातियों के साथ अपनी दुल्हन को लेने कथा पंडाल में पहुंचा. उसके बाद दोनों शिव-पार्वती की तरह वासुकी नाग देवता की देवडोली के सानिध्य में सात फेरे लिए. जहां दोनों विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए,…

शिव-पार्वती स्वरूप में योगेंद्र और शिवानी की शादी: दरअसल, भटवाड़ी ब्लॉक के नाल्ड गांव में योगेंद्र और शिवानी ने विशेष और अनोखी शादी रची. पूर्व प्रधान नाल्ड सुनील राणा ने बताया कि उनके गांव में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है. कथा के पांचवे दिन पुराण के अनुसार, शिव-पार्वती के विवाह के वर्णन के साथ इसका आयोजन किया जाना था,….
आचार्य डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने रखा था यह विचार: बीते बुधवार को व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने ग्रामीणों के सामने विचार रखे कि अगर शिव-पार्वती के विवाह के दौरान किसी जोड़े की उनके रूप में शादी करवाई जाए तो यह बहुत की उत्कृष्ट कार्य होगा. जिसके बाद जिनकी शादी होनी है, उनकी तलाश की गई,…
शिव-पार्वती बनाकर कथा पंडाल में शादी: ऐसे में वहां पर मौजूद गांव के योगेंद्र पंवार के परिजनों ने बताया कि उनके बेटे का रवाड़ा निवासी शिवानी के साथ रिश्ता पक्का हुआ है. इसलिए उन दोंनों की शिव-पार्वती बनाकर कथा पंडाल में शादी करवाई जा सकती है. सबकी सहमति के बाद लड़की के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई. निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिवानी और उनका परिवार नाल्ड गांव पहुंचा,….
फेरे लेकर विवाह के पवित्र बंधन में बंधे योगेंद्र और शिवानी: वहां पर कथा पंडाल में दुल्हन को तैयार कर उन्हें पार्वती स्वरूप दिया गया. उसके बाद योगेंद्र पंवार अपने परिवार और बारातियों के साथ शिव रूप में बारात लेकर कथा पांडाल में पहुंचे. वहां पर वासुकी नाग देवता के सानिध्य में शिव-पार्वती विवाह नियमों के तहत दूल्हा योगेंद्र और दुल्हन शिवानी सात फेरे लेकर विवाह के पवित्र बंधन में बंधे,….
