दूधली मार्ग पर दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी कार पेड़ पर अटकी, रातभर फंसे रहे दो युवक
मसूरी। दूधली मार्ग पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रास्ता भटककर दूधली मार्ग पर पहुंचे दिल्ली नंबर की निजी कार सवार दो युवक बरसात के दौरान सड़क पर हुई फिसलन के चलते वाहन पर नियंत्रण खो बैठे। कार सड़क से नीचे खाई में जा गिरी और कुछ दूरी तक जाने के बाद एक पेड़ पर अटक गई। गनीमत रही कि पेड़ ने कार को गहरी खाई में गिरने से रोक लिया और दोनों युवकों की जान बच गई।

हादसे में दोनों युवकों को हल्की चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
रास्ता भटककर दूधली मार्ग पर पहुंचे थे युवक
दूधली गांव निवासी रोशनी वर्मा के अनुसार, दोनों युवक रात के समय रास्ता भटकने के कारण कार लेकर दूधली मार्ग पर पहुंच गए थे। मार्ग पर ढलान और बारिश के कारण सड़क पर काफी फिसलन थी। इसी दौरान अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई और खाई में जा गिरी।
कार कुछ दूरी तक नीचे जाने के बाद एक पेड़ से जा टकराई और उसी पर अटक गई। पेड़ के कारण कार आगे खाई में नहीं गिरी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रातभर मौके पर फंसे रहे युवक
हादसे के बाद दोनों युवक रातभर मौके पर ही फंसे रहे। सुबह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। खाई में पेड़ पर अटकी कार को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। कार जिस स्थिति में मिली, उससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस हादसे में पेड़ दो युवकों के लिए जिंदगी और मौत के बीच दीवार बन गया। अगर कार पेड़ पर नहीं अटकती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
दूधली मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मार्ग के कई हिस्से बेहद ढलानदार हैं और बारिश के दौरान यहां फिसलन काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मार्ग के संवेदनशील हिस्सों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर सुरक्षा रेलिंग लगाने, सड़क की स्थिति सुधारने तथा बरसात के दौरान फिसलन वाले स्थानों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार किसी हादसे को टालने के लिए किस्मत या किसी पेड़ के भरोसे नहीं रहा जा सकता। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की गई तो भविष्य में बड़े हादसों को रोका जा सकता है।
रुद्र न्यूज़ | उत्तराखंड
