रुद्रपुर/देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा उधम सिंह नगर के गदरपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा था और इसके लिए खुद को शारीरिक रूप से प्रशिक्षित कर रहा था।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया है कि सलाउद्दीन एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। तेलंगाना निवासी जुबेर नामक व्यक्ति द्वारा उसे चार डेटोनेटर उपलब्ध कराए गए थे और आर्थिक मदद भी की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन डेटोनेटरों का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था और संभावित निशाना कौन था।
खुद को फिदायीन हमले के लिए कर रहा था तैयार
जांच में पता चला है कि सलाउद्दीन नियमित रूप से दौड़, पुशअप्स और अन्य शारीरिक गतिविधियों के वीडियो बनाकर अपने कथित हैंडलरों को भेजता था। वह टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध तत्वों के संपर्क में था। चैट में वह खुद को हर तरह के मिशन के लिए तैयार और फिट बताता था।
मोबाइल से मिले जिहादी और कट्टरपंथी सामग्री के सबूत
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच में जिहाद, शहादत और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री मिली है। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने उसे अपने प्रभाव में लेकर उसकी सोच को उग्र बनाया। इसके बाद वह कई राष्ट्रविरोधी और जिहादी ऑनलाइन समूहों में सक्रिय हो गया।
रामपुर के युवक से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अताउल्ला समीर नामक युवक का नाम भी सामने आया। एसटीएफ की टीम उसे पूछताछ के लिए देहरादून लाई, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया इकाइयों ने उससे पूछताछ की। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि उसका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश
एसटीएफ का दावा है कि सलाउद्दीन सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य युवाओं को भी कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था। जांच एजेंसियां उसके ऑनलाइन नेटवर्क, संपर्कों और संभावित अंतरराज्यीय कड़ियों की गहन जांच कर रही हैं।
विदेशी पिस्टल, कारतूस और डेटोनेटर बरामद
गौरतलब है कि 18 जून को गदरपुर से गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान एक विदेशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, चार डेटोनेटर तथा AK-47 राइफल के दो कारतूस बरामद किए गए। जांच एजेंसियां बरामद सामग्री के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल की भी पड़ताल कर रही हैं।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है और मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
