रुद्रपुर को जलभराव से मिलेगी बड़ी राहत, 786.73 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी
रुद्रपुर। वर्षों से हर मानसून में जलभराव की समस्या झेल रहे रुद्रपुर शहर के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर के बहुप्रतीक्षित 786.73 करोड़ रुपये के मास्टर ड्रेनेज प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति प्रदान कर दी है। योजना के प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शहर में 61 नए ड्रेनेज चैनल, 67 किलोमीटर लंबा सेकेंड्री ड्रेनेज नेटवर्क और पांच आधुनिक पंपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिससे भविष्य में रुद्रपुर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
महापौर विकास शर्मा ने जताया आभार
महापौर विकास शर्मा ने इसे रुद्रपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि शहर को जलभराव से स्थायी राहत दिलाने के लिए लगातार शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कई बार मुलाकात कर इस परियोजना की आवश्यकता से अवगत कराया गया था। अब मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही बजट जारी होने और टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
चार जोन में विकसित होगी आधुनिक जल निकासी व्यवस्था
मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत पूरे शहर को चार जोन में विभाजित कर वैज्ञानिक आधार पर जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी।
परियोजना के तहत—
- 23 मौजूदा प्रमुख नालों का चौड़ीकरण, गहरीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा।
- 20 नए प्रमुख नालों का निर्माण होगा।
- 41 अन्य महत्वपूर्ण नाले विकसित किए जाएंगे।
- कुल 61 नए ड्रेनेज चैनल तैयार होंगे।
- करीब 67 किलोमीटर लंबा सेकेंड्री ड्रेनेज नेटवर्क बनाया जाएगा।
पांच आधुनिक पंपिंग स्टेशन होंगे स्थापित
जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पांच आधुनिक पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से निचले इलाकों में जमा वर्षा जल को तेजी से मुख्य ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंचाया जाएगा।
प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन मुख्य बाजार, गांधी पार्क, गल्ला मंडी रोड, कलेक्ट्रेट क्षेत्र, जगतपुरा, शिमला बहादुर और खेड़ा स्थित कादरी मस्जिद क्षेत्र के आसपास विकसित किए जाएंगे।
पहले चरण में इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
महापौर के अनुसार, प्रथम चरण में जोन-1 और जोन-2 के कार्यों पर 184.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वहीं जोन-3 और जोन-4 के लिए 255.38 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दूसरे चरण में शामिल की गई हैं।
वर्षों पुरानी समस्या का होगा समाधान

रुद्रपुर में हल्की बारिश के बाद भी मुख्य बाजार, गांधी पार्क, गल्ला मंडी, कलेक्ट्रेट, खेड़ा, जगतपुरा, ट्रांजिट कैंप सहित कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। नगर निगम हर वर्ष नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन पुरानी और अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा था।
अब जीआईएस आधारित आधुनिक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम लागू होने से शहर की जल निकासी व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और आने वाले वर्षों में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
शहर के विकास को मिलेगी नई गति
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल जलभराव की समस्या का समाधान नहीं करेगी, बल्कि रुद्रपुर को सुनियोजित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि योजना पूरी होने के बाद बरसात के दौरान सड़कों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या समाप्त होगी, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।
