विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 4 राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 से पहले संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए चार राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार 28 मई 2026 को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा के नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान किया। इस फैसले को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली बीजेपी में देखने को मिला, जहां केंद्र सरकार में राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने वीरेंद्र सचदेवा की जगह ली है। हर्ष मल्होत्रा फिलहाल केंद्र सरकार में परिवहन मंत्रालय में राज्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राजधानी में संगठन को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी दी है।
वहीं पंजाब में बीजेपी ने बड़ा दांव खेलते हुए सरदार केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में बीजेपी ने संगठन को नए चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं और उन्हें पंजाब की राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2027 में पंजाब में बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और जनता बदलाव चाहती है। ढिल्लों ने कहा कि बीजेपी पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर-1 राज्य बनाएगी।
हरियाणा में बीजेपी ने डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। उन्होंने मोहन लाल बड़ौली की जगह ली है। अर्चना गुप्ता इससे पहले बीजेपी की प्रदेश महामंत्री और पानीपत की जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं। पार्टी उन्हें महिला नेतृत्व के मजबूत चेहरे के तौर पर देख रही है।
उधर त्रिपुरा में बीजेपी विधायक अभिषेक देबरॉय को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने राजीब भट्टाचार्जी की जगह ली है। 44 वर्षीय अभिषेक देबरॉय पहली बार विधायक बने हैं और उन्हें संगठन में सक्रिय युवा चेहरे के रूप में जाना जाता है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी राज्य में और मजबूत होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है और यह फेरबदल उसी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी संगठन को नए चेहरों और नए समीकरणों के जरिए मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है।
