मानसून की पहली तेज बारिश ने रुद्रपुर शहर की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख बाजार, सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों में भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई।

दुकानों में घुसा पानी, व्यापारियों में मची अफरा-तफरी
तेज बारिश के बाद शहर के बाजारों में जलभराव इतना बढ़ गया कि कई दुकानों के अंदर पानी घुस गया। व्यापारी जल्दबाजी में अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। कई दुकानदारों ने तीन वर्ष पहले हुई भारी बारिश को याद करते हुए इस बार भी बड़े नुकसान की आशंका जताई।
पहली बारिश में ही फेल हुई व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों और नालियों की सफाई कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था की जाती तो शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा नहीं होते। लोगों ने आरोप लगाया कि पहली ही बारिश में नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई।
व्यापार मंडल ने उठाए सवाल
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने नगर निगम और प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नजर आया और न ही राहत कार्य समय पर शुरू हुए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में व्यापारी और आम जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।
व्यापारियों ने दी चेतावनी
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। उनका कहना है कि यदि मानसून के दौरान यही स्थिति बनी रही तो व्यापार और जनजीवन दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।
नगर निगम ने शुरू कराया राहत कार्य
बारिश थमने के बाद नगर निगम की टीमें नालियों और नालों की सफाई में जुट गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से कचरा हटाने और जल निकासी का कार्य शुरू किया गया।
नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने बताया कि नगर निगम की टीमें लगातार मैदान में हैं और शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों से पानी की निकासी कर स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।

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