उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब संशय में पड़ गया है। कार्यक्रम से महज तीन दिन पहले प्रशासन द्वारा परेड ग्राउंड की पूर्व में दी गई अनुमति रद्द किए जाने की सूचना के बाद कांग्रेस नए आयोजन स्थल की तलाश में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 8 जुलाई को नगर निगम और जिला प्रशासन से 15, 16 और 17 जुलाई के लिए परेड ग्राउंड की अनुमति मांगी थी। कांग्रेस का कहना है कि अनुमति मिलने के बाद ग्राउंड की बुकिंग फीस भी जमा कर दी गई थी और कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। इसी क्रम में मंगलवार सुबह टेंट और अन्य व्यवस्थाओं का सामान लेकर वाहन भी परेड ग्राउंड पहुंच गए, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
कांग्रेस के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए करीब ढाई लाख युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। ऐसे में अंतिम समय पर आयोजन स्थल बदलने की स्थिति ने पार्टी के सामने बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी को अभी तक प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द करने संबंधी कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल मौखिक रूप से कुछ दिक्कतों की बात कही गई है, जबकि पहले कार्यक्रम की अनुमति दी जा चुकी थी।
गणेश गोदियाल ने यह भी कहा कि यदि परेड ग्राउंड उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो सरकार को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कोई वैकल्पिक सरकारी स्थल उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन रखा है, तो आवश्यकता पड़ने पर वहीं कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द करने के कारणों को लेकर आधिकारिक लिखित जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, कांग्रेस वैकल्पिक स्थल की तलाश के साथ-साथ प्रशासन के अगले निर्णय का इंतजार कर रही है। राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब प्रशासन के आगामी फैसले पर निर्भर करेगा।
