शहर के प्रतिष्ठित जनता इंटर कॉलेज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार वजह बना है सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक कथित ‘नमाज पास’। वायरल हो रहे इस पास को लेकर लोगों के बीच बहस छिड़ गई है और शिक्षा संस्थानों में धार्मिक आधार पर दी जाने वाली अनुमति को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पास में दावा किया जा रहा है कि कक्षा 8 के एक छात्र को नमाज अदा करने के लिए विद्यालय से अनुमति दी गई। पास पर कक्षा अध्यापक और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के साथ विद्यालय की मुहर भी अंकित दिखाई दे रही है। हालांकि इस वायरल दस्तावेज की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
विद्यालयों में सामान्यतः स्वास्थ्य संबंधी कारणों, पारिवारिक आवश्यकता या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में छात्रों को हाफ डे या अवकाश दिए जाने की व्यवस्था होती है, लेकिन धार्मिक गतिविधियों के लिए नियमित रूप से इस प्रकार की अनुमति दिए जाने का कोई स्पष्ट नियम है या नहीं, यह अब चर्चा और जांच का विषय बन गया है।
वायरल पास सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्कूल परिसर में इस तरह की अनुमति शिक्षा व्यवस्था के नियमों के अनुरूप है।
अब तक विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से भी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि जनता इंटर कॉलेज पहले से ही कॉलेज परिसर से सटी सरकारी भूमि को लेकर चल रहे विवाद के कारण सुर्खियों में रहा है। ऐसे में अब ‘नमाज पास’ का यह नया मामला सामने आने के बाद विद्यालय एक बार फिर चर्चाओं और विवादों के केंद्र में आ गया है।
फिलहाल वायरल हो रहे इस पास की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।
