अब तक 16 मामलों में आया फैसला, 8 में दोषी करार; पहले से जेल में बंद हैं सपा नेता
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शनिवार को उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।

यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है। उस समय सपा-बसपा गठबंधन के तहत आजम खान रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई विवादित बयान दिए थे, जिन पर विभिन्न थानों में आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज किए गए थे।
इन्हीं में से एक मामला थाना भोट में दर्ज हुआ था। वायरल वीडियो में आजम खान चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी पर टिप्पणी करते नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि “कलक्टर-पलक्टर से मत डरियो… ये तनखइया हैं…” साथ ही उन्होंने मायावती के अधिकारियों द्वारा जूते साफ करने संबंधी बयान का भी जिक्र किया था। उस समय रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह थे, जो वर्तमान में मंडलायुक्त हैं।
पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया था। लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद न्यायालय ने आजम खान को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश मौर्य ने फैसले की पुष्टि की है।
पहले से जेल में बंद हैं आजम खान
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही दो पैन कार्ड मामले में जेल में बंद हैं। 17 नवंबर 2025 को अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
इसके अलावा दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तंजीम फात्मा और बेटे अब्दुल्ला को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। यह मामला अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा था।
16 मामलों में फैसला, 8 में सजा
अब तक आजम खान के खिलाफ कुल 16 मामलों में अदालत का फैसला आ चुका है। इनमें से आठ मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है, जबकि आठ मामलों में वह बरी हो चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, सपा समर्थकों की नजर अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित अपील पर टिकी हुई है।
