रुद्रपुर की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला महामंत्री विकास सागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ओवरलोड डंपरों से कथित वसूली मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास सागर ने अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल को सौंपा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।

इस्तीफे के बाद जारी बयान में विकास सागर ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने पूर्व विधायक Rajkumar Thukral पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
विकास सागर ने दावा किया कि वह चर्चित “मीना शर्मा ऑडियो प्रकरण” में मुख्य गवाह हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक उन्हें किसी भी तरह फंसाने का प्रयास कर रहे हैं और इसी उद्देश्य से उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
अपने इस्तीफे में विकास सागर ने लिखा कि उनके कारण पार्टी की छवि को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने लिखा—
“पिछले कुछ समय से पूर्व विधायक द्वारा मुझे झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची जा रही है। क्योंकि मैं पूर्व विधायक एवं मीना शर्मा ऑडियो प्रकरण में मुख्य गवाह हूं, इसलिए वह मुझे झूठे मुकदमों में फंसाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। अतः मेरे कारण पार्टी को किसी तरह का नुकसान न हो, इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रुद्रपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। एक तरफ डंपर वसूली प्रकरण को लेकर पहले से सियासत गरमाई हुई थी, वहीं अब विकास सागर के इस्तीफे और लगाए गए आरोपों ने मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
फिलहाल इस मामले में पूर्व विधायक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में यह विवाद और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।
