मसूरी। उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर पालिका परिषद को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियातन नगर पालिका परिसर को खाली करा दिया गया है और बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वायड) तथा डॉग स्क्वायड द्वारा सघन जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 22 जून को नगर पालिका परिषद मसूरी और उपजिलाधिकारी कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। ई-मेल कथित तौर पर “खालिस्तान नेशनल आर्मी” के नाम से भेजा गया है। इसमें मसूरी नगर पालिका कार्यालय के अलावा उत्तराखंड और दिल्ली के कई धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों एवं महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है।
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। मंगलवार को नगर पालिका परिसर को आम लोगों और कर्मचारियों के लिए खाली करा दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि सोमवार शाम को ई-मेल के जरिए पालिका कार्यालय और अध्यक्ष कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उन्होंने कहा कि धमकी की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दे दी गई थी। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
गौरतलब है कि मसूरी उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा यहां स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) भी देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं में शामिल है। ऐसे में धमकी भरे ई-मेल को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
फिलहाल बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड द्वारा नगर पालिका परिसर की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
